
दे. दून: महालक्ष्मी वेडिंग पॉइंट में सजवाण वंश हितकारिणी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पहाड़ की संस्कृति जो हमारी पहचान है उसके संरक्षण संवर्धन को धार्मिक सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा उसे मजबूती पहचान देने पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया।बैठक में वरिष्ठ प्रबुद्धजनों ने अपने अनुभव साझे किए। बैठक को पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण सजवाण वंश पर शोध कर रहे संदीप बडोनी डा जगमोहन सिंह कामरेड सुरेन्द्र सजवान कर्नल मूर्ति सिंह सजवान स्काउट गाइड के पूर्व राष्ट्रीय कोर्डिनेटर गिरिवर सजवान कुलबीर सिंह सजवान सतेंद्र सजवान संदीप सजवान रमा सजवान प्रेमलता सजवान जयश्री सजवान कर्मबीर सिंह सजवान दिनेश सुंदर सिंह सजवान ने अपने अनुभव साझे किए। बैठक का संचालन ज्योति सजवान ने किया।बैठक को समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सिंह सजवाण ने कहा कि आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती हमारी संस्कृति जो हमारी पहचान धरोहर है विलुप्ति की कगार पर है उसके संरक्षण संवर्धन को आगे आए । सजवाण वंश हितकारिणी समिति को अपनी जिम्मेवारी का अहसास है और लगातार पहाड़ी समाज के प्रति संवेदनशील है इसलिए हमारी बोली भाषा रहन सहन धार्मिक आयोजन वाद्य यंत्र पौराणिक काल की सभ्यता संस्कृति हमारा सामाजिक तानाबाना जड़ों से जुड़ाव लगाव पूर्वजों की कार्यशैली हमारे संस्कार आचार व्यवहार जो हमें प्रेरणा देती है हमारी सांस्कृतिक धरोहर सामाजिक जिम्मेवारी जो कि आधुनिकरण के आपाधापी में कहीं खोती जा रही उसके संरक्षण संवर्धन को आगे आना होगा। बैठक में एक प्रस्ताव संस्कृति विभाग को भेजा गया जिसमें पहाड़ की संस्कृति पौराणिक रीति रिवाज खानपान वाद्य यंत्र बोली भाषा जो कि विलुप्त होती जा रही परम्परा को जनजागरुकता सरकारी स्तर पर बढ़ावा दिया जाए जिससे हमारे संस्कार ही हमारी पहचान पूर्वजों की सोच कार्यशैली को बचाया जा सके।